轩辕剑之天之痕
Sandis Compound Bhagalpur: सैंडिस कंपाउंड में मार्निंग-इवनिंग वाक FREE... सुबह 8 से रात 8 बजे तक प्रवेश पर लगेगा पैसा_我的网站

一 | जागरण संवाददाता, भागलपुर। Sandis Compound Bhagalpur सैंडिस कंपाउंड और जयप्रकाश उद्यान को आठ सितंबर के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। जिसके बाद शहरवासी अपने परिवार व यार-दोस्तों के साथ यहां आनंद उठा सकेंगे। मार्निंग और इनविंग वाकर्स के लिए यह फ्री रहेगा। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक प्रवेश करने पर शुल्क देना होगा। एजेंसी निविदा शर्तों के मुताबिक शुल्क का निर्धारण करेगी।,
आम लोगों के लिए जल्द खुलेगा सैंडिस कंपाउंड
- आठ सितंबर के बाद एजेंसी संभाल लेगी सैंडिस और जयप्रकाश उद्यान के संचालन की जिम्मेदारी
- जल्द आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा सैंडिस कंपाउंड, बच्चों की होगी मौज
- शहरवासी अपने परिवार व यार-दोस्तों के साथ उठा खेल व अन्य चीजों का आनंद
- 5 दिन पूर्व आउट सोर्सिंग एजेंसी ने नगर आयुक्त को सौंपा 77.88 लाख का चेक
- 66 लाख रुपये हर साल एजेंसी को देना होगा भागलपुर स्मार्ट सिटी कंपनी को
भादो के बाद एग्रीमेंट करने का अनुरोध
शुभ मुहूर्त के कारण एजेंसी ने एग्रीमेंट भादो के बाद करने का अनुरोध किया है। पिछले सप्ताह कोलकाता की एजेंसी सेन एंड पंडित वोल्टेज कंट्रोल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त शुभम कुमार के साथ बैठक की थी। उस दौरान एजेंसी ने एक वर्ष की अग्रिम राशि 77.88 लाख रुपये का जीएसटी सहित चेक दिया था। भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा जारी एलओए को एजेंसी ने स्वीकार कर लिया है।,नगर आयुक्त ने एजेंसी के एग्रीमेंट के अनुरोध को मान लिया है। इधर, एजेंसी के प्रबंधक विश्वजीत सिंह ने प्रवेश शुल्क के संबंध में नगर आयुक्त से चर्चा की। नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि निविदा शर्तों के अनुसार ही प्रवेश शुल्क लागू होगा। स्मार्ट सिटी ने निविदा संबंधी एनआईटी जारी किया था, जिसमें प्रवेश शुल्क का उल्लेख किया गया है।,विदित हो कि एजेंसी को हर साल स्मार्ट सिटी कंपनी को 66 लाख रुपये देने हैं। कुछ सामाजिक संगठनों ने नगर आयुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि यह शहर का एकमात्र स्थान है जहां लोग थोड़ी देर स्वच्छ हवा में सांस लेने आते हैं। शुल्क लगाने पर समस्या उत्पन्न हो सकती है। ,शुल्क के मामले में चेक जमा किया गया है। स्मार्ट सिटी के खाते में राशि स्थानांतरित होने के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी। - पंकज कुमार, पीआरओ, स्मार्ट सिटी。 लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में डायबिटीज एक आम बीमारी बन गई है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट की वजह से इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बड़ी ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना होता है। ब्लड शुगर को नियंत्रण (Blood Sugar Control) में रखने के लिए दवाओं के साथ-साथ सही डाइट का होना भी उतना ही जरूरी है।,हालांकि, अक्सर लोग इस बात ध्यान नहीं देते हैं कि मैग्नीशियम (Magnesium to Control Blood Sugar) भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए काफी जरूरी है। जी हां, मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद कर सकता है। आइए जानें कैसे मैग्नीशियम इसमें मददगार है और इसकी कमी पूरी करने के लिए डाइट में किन-किन चीजों को शामिल करना चाहिए।,
मैग्नीशियम और ब्लड शुगर का कनेक्शन क्या है?
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है- मैग्नीशियम बॉडी सेल्स को इंसुलिन के लिए सेंसिटिव बनाता है। जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो सेल्स में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि ग्लूकोज सेल्स में प्रवेश नहीं कर पाता और खून में ही जमा होता रहता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
- ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में मददगार- यह इंसुलिन के सीक्रेशन में मदद करके ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है।
- सूजन कम करता है- मैग्नीशियम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो डायबिटीज से जुड़ी पुरानी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
मैग्नीशियम की कमी के लक्षण
- थकान और कमजोरी
- मांसपेशियों में ऐंठन या कंपन
- अनियमित हृदय गति
- चिड़चिड़ापन
मैग्नीशियम को अपनी डाइट में कैसे शामिल करें?
हरी पत्तेदार सब्जियां- ,- पालक, केल, मेथी, सरसों का साग, और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां मैग्नीशियम का बेहतरीन सोर्स हैं।
- एक मुट्ठी बादाम या काजू न केवल हेल्दी स्नैक्स हैं, बल्कि मैग्नीशियम की रोज की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं।
- कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं।
- तिल की गजक, तिल की चिक्की, या खाने में तिल का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।
- राजगीरा और कुट्टू ग्लूटेन-फ्री होते हैं और इनमें मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनसे बने आटे की रोटी या पराठे बनाए जा सकते हैं।
- नाश्ते में ओट्स का दलिया बनाकर खाना एक बेहतरीन विकल्प है।
- सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस और जौ का इस्तेमाल करें।
- काले चने, राजमा, मूंग दाल, और सोयाबीन जैसी दालें और फलियां न केवल प्रोटीन का, बल्कि मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स हैं।
- अगर आपको मीठा पसंद है तो यह आपके लिए अच्छी खबर है। 70% या उससे ज्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम से भरपूर होती है। एक-दो छोटे टुकड़े काफी हैं।
- केला सिर्फ पोटैशियम ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स है। इसी तरह एवोकाडो भी एक पौष्टिक फल है जिसमें मैग्नीशियम पाया जाता है।
- सालमन और मैकेरल जैसी मछलियों में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ-साथ मैग्नीशियम भी होता है।
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Published on:03:26:06



























